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वर्तमान समय में ई बुक्स की उपयोगिता का अध्ययन

प्रस्तावना कहते हैं कि किताबें ही आदमी की सच्ची दोस्त होती हैं, जमाना बदल रहा है ..लोगों के पास समय की कमी होती जा रही है | किताबों को पढने का भी तरीका परिवर्तित हुआ है | अब जमाना डिजिटल है तो किताबें भी डिजिटल हुईं | ई-पुस्तक(इलैक्ट्रॉनिक पुस्तक) का अर्थ है डिजिटल रुप में पुस्तक । ई-पुस्तकेंकागजकी बजाय डिजिटल संचिका के रुप में होती हैं जिन्हेंकम्प्यूटर,मोबाइलएवं अन्य डिजिटल यंत्रों पर पढ़ा जा सकता है । इन्हेंइण्टरनेटपर भी छापा, बांटा या पढ़ा जा सकता है ।ये पुस्तकें कई फाइल फॉर्मेट में होती हैं जिनमें पीडीऍफ (पोर्टेबल डॉक्यूमेण्ट फॉर्मेट), ऍक्सपीऍस आदि शामिल हैं, इनमें पीडीऍफ सर्वाधिक प्रचलित फॉर्मेट है ।ई-पुस्तको को पढ़ने के लिए कम्प्यूटर (अथवा मोबाइल) पर एक सॉफ्टवेयर की आवश्यकता होती है जिसे ई-पुस्तक पाठक(eBook Reader) कहते हैं । पीडीऍफ ई-पुस्तकों के लिएऍडॉब रीडरतथाफॉक्सिट रीडरनामक दो प्रसिद्ध पाठक हैं ।ई-बुक के सस्ता होने का कारण यह है कि इन पर पहली बार आने वाली लागत के बाद अमूमन कोई लागत नहीं आती । एक बार ई-बुक विकसित और प्रकाशित होने के बाद लेखक उसकी अनंत फाइलें बनाने के लिए स्वतं…

वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में मूल्यपरकता की आवश्यकता

हम धर्म और शिक्षा को चरित्र-निर्माण का सीधा मार्ग और सांसारिक सुख का सच्चा द्वार समझते हैं | हम देश-भक्ति को सर्वोत्तम शक्ति मानते हैं जो मनुष्य को उच्चकोटि की निःस्वार्थ सेवा करने कीओर प्रवृत्त करती है।
- मालवीय जी सीखने का अर्थ कुछ आंकड़ों और तथ्यों को याद कर लेना भर नहीं होता है, बल्कि उससे कहीं अधिक व्यापक होता है | जब किसी का ज्ञान जीवन के गहरे अंतर्ज्ञान में बदल जाए, तभी हम कह सकते हैं कि उसे सही अर्थों में शिक्षा मिली है | मूल्य आधारित शिक्षा उतनी ही पुरानी है जितना कि मानव सभ्यता | भारत में शिक्षा वैदिक युग से लेकर आज तक शिक्षा प्रकाश का श्रोत है जो जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में हमारा सच्चा पथ-प्रदर्शन करती है | आज संसार में अनेक देश है और प्रत्येक राष्ट्र की अपनी एक विशिष्टता है, यह विशिष्टता उस देश के लोगों द्वारा निर्मित्त है | क्योंकि कोई भी देश वहाँ बसे व्यक्तियों से बना है, जिस प्रकार एक-एक ईंट से मकान बनता है, और यह ईंट जितनी मजबूत होगी मकान उतना ही मजबूत होगा | उसी प्रकार जब तक एक-एक व्यक्ति शिक्षित नहीं होगे |वह देश मजबूत कैसे होगा? क्योंकि शिक्षा ही वह माध्यम है, जो एक …