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शिवेन्दु राय

पत्रकारिता में चाटुकारिता .

पत्रकारिता में चाटुकारिता आज कल खूब हो रहा है । इसके पीछे कारन यह है की संपादको का नौसिखुआ होना । संपादक वही लोग हो रहे है जो पैसा लगा रहे है या राज नेताओ से अच्छे सम्बन्ध है । मैं केवल प्रिंट मीडिया की बात नहीं कर रहा हूँ मैं इलेक्ट्रोनिक या वेब मीडिया , सभी माध्यमो की बात कर रहा हूँ । आज कल पत्रकार .संपादक के चाटुकारिता पर ज्यादा धन दे रहे है । आपने काम पर कम । इसके पीछे कारन यह है की । उन्हें अपने काम का ज्ञान नहीं होना । प्रिंट मीडिया के लिए लिखते तो है । पर उन्हें रचना प्रक्रिया का क , ख , ग का पता नहीं है । तो क्यों नहीं चाटुकारिता करे । नौकरी जो करनी है , पर अगर अगर अच्छे पत्रकार हमारे समाज को चाहिए तो । चाटुकारिता पर लगाम कसना होगा । और संपादक उन्हें ही बनाया जाये जिन्हें पत्रकारिता का ज्ञान हो । और समाज के लिए कुछ करने का जज्बा हो .

ये विकास है या पतन ?......

किसी भी समाज की पहचान वहां के साहित्य और आसपास के माध्यमों की रंगत देखकर पहचाना जा सकता है। अकसर हम इस बात की चर्चा तो करते रहते हैं कि देश में हर क्षेत्र में गिरावट आ रही है। क्या नेता, क्या पत्रकार, क्या न्यायपालिका, क्या प्रशासन, व्यापारी और क्या .. कोई भी, सबका स्तर दिनोंदिन गिरता जा रहा है। अब सवाल ये है कि जिसे हम समाज की गिरावट मानकर चल रहे हैं कि उसे क्या सचमुच समाज गिरावट मान रहा है या ये पुराने-नए का ऐसा फर्क हो गया है कि नए के जीने के तरीके को पुराने लोग समाज की गिरावट मानकर खारिज कर रहे हों। पता नहीं हम तो पीढ़ी के लिहाज से न तो अतिआधुनिक में हैं न पुरातनपंथी। तो, सबसे ज्यादा भ्रमित भारत हम जैसे लोग ही हैं।

UTV Bindass चैनल पर एक शो आजकल आ रहा है इमोशनल अत्याचार। ये फिल्म DEV D के गाने कैसा तेरा जलवा ... कैसा तेरा प्यार .. तेरा इमोशनल अत्याचार। फिल्म में अभिनेता के इमोशनल अत्याचार में ढेर सारी लड़कियों के साथ संबंध थे तो, बिंदास के शो में लड़की या लड़का अपने प्रेमी की परीक्षा लेता है जिसमें अकसर लड़की का प्रेमी चैनल की हीरोइन के चक्कर में फंस ही जाता है। ये एक नमूना है। इसी…

क्या मैं महिला आरक्षण विरोधी हूँ ?

आखिरकार जैसी आशंका सबको थी वही हुआ और एक बार फिर मुश्किल बाधा दौड़ पार करने के बाद आम सहमति के नाम पर कांग्रेस ने महिला आरक्षण बिल की आसान बाधा दौड़ पूरी करने से इनकार कर दिया। ज्यादातर लोग यही कहेंगे कि ये तो होना ही था। लेकिन, क्यों। इसका जवाब ज्यादातर लोग यही देंगे कि कांग्रेस यही चाहती थी। लेकिन, क्या कांग्रेस और देश की सबसे ताकतवर महिला सोनिया गांधी भी यही चाहती थीं। जवाब कड़े तौर पर ना में हैं। वैसे तो, ज्यादातर टीवी चैनलों और अखबारों ने बिल के राज्यसभा में पास होने को सोनिया गांधी का निजी संकल्प बताया ही लेकिन, मुझे एक सांसद ने जब ये बताया कि प्रणव बाबू तो, बिल के खिलाफ थे। उन्होंने कहाकि सरकार चली जाएगी, बावजूद इसके सोनिया ने कहा- सरकार जाती है तो, जाए- बिल पास कराइए। फिर कौन क्या कहता और बिल राज्यसभा में पास हो गया। फिर बिल में अड़ंगा क्यों लग रहा है। सरकार को इस मसले पर बीजेपी, लेफ्ट का पूरा समर्थन है। लेकिन, दरअसल इसी में महिला आरक्षण के अंटकने की असली वजह छिपी है।

कांग्रेस और बीजेपी भले ही व्हिप जारी करके अपने सांसदों को महिला आरक्षण पर वोट डालने के लिए राजी कर लें, सच्चाई …

उठो ,जागो और आगे बढ़ो ........

मित्रो, मार्च आते ही परीक्षा का दौर शुरू होता है. बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं. सभी विद्यार्थियों और उनके माता-पिता के लिए ये एक महत्वपूर्ण दिन होते हैं. मैं, देश के भविष्य, अपने उन सभी युवा मित्रों को जो कि कक्षा X और XII की परीक्षा में बैठेंगे उन्हें शुभकामनाएं देता हूँ. सभी उपलब्धियों की जड़ों में अथक परिश्रम, लगन और समर्पण होते है. जीवन की इस यात्रा में हमें मिली सभी सीखों का परीक्षण होता रहता है. इस मायने से हम सभी विद्यार्थी हैं. यहाँ मैं स्वामी विवेकानंद की कुछ पंक्ति quote करना चाहता हूँ: "उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको." परीक्षाएं तो जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है. अपनी चिंताओं को पीछे छोड़; ज्ञान के लिए जुट जाओ परिणाम अपने आप आयेंगे. मैं success का अपना मूल मंत्र आपसे share करना चाहता हूँ: "Desire + stability = Resolution. Resolution + Hard work = Success". मुझे पूरा विश्वास है की आप सभी देश के उज्वल भविष्य के लिए अपना योगदान देने में सक्षम है. पुनः मेरी ओर से शुभकामनाएं.
शिवेन्दु राय

जय हो .........

जय हो । आप देश के लिए कुछ करना चाहते हैं तो हमारा साथ दे । और कुछ लिखे । देश के लिए नहीं तो अपने लिए हाय सही लिखे जरुर .........
देश को आगे ले जाना है,, इकोनामिक ग्रोथ होना चाहिये,,,
प्रणब दादा जी बतायें,, देश जनता से और जनता देश से होती है,,,
जनता भूखी रहेगी तो देश कैसे आगे बढ़ेगा,, किसकी ग्रोथ का बजट है???
यह महंगायी जो हम झेल रहे हैं वह भी पेट्रोल की कीमत 2रु. बढ़्नें से चालू हुयी थी ,,
आज बजट में फिर 2.65 रु. पेट्रोल पर बढ़ा दिये गये हैं,, अब कीमतें और बढ़ेंगी.. ...